LG ने कहा, जनता को भ्रमित करना चाहते हैं केजरीवाल

धरने पर जबतक केजरीवाल बैठे रहे LG ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन जैसे ही धरना खत्म हुआ LG ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम ने CM केजरीवाल के इस रवैये की कड़ी आलोचना की। अनिल बैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ये मार्च और धरना प्रदर्शन सिर्फ दिल्ली की जनता को भ्रमित करने के लिए किया।

उप राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मुद्दे पर मुलाकात का समय लिए बगैर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, मंत्री, विधायक और सांसद सुशील गुप्ता ने राजनिवास के पास धरने पर बैठना उचित समझा। बावजूद इसके कि उपराज्यपाल से मिलकर मुद्दों को सुलझाया जाए जिसके लिए उन्होंने राजनिवास की ओर मार्च किया था। इस तथ्य के बावजूद उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री, मंत्री परिषद और सांसद से मुलाकात के लिए कहा था। 13 मई यानि बीते रविवार को लिखे पत्र में स्पष्ट कर दिया गया था कि उनके द्वारा निर्वाचित सरकार द्वारा कैमरे लगाने की योजना को देरी करने या रोकने के कोई भी निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री बिना सबूत के उन पर सीसीटीवी कैमरों को लगाने की योजना में देरी करने का आरोप लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वास्तविक तथ्यों को आसानी से नजरअंदाज किया है। उनकी कैबिनेट ने सीसीटीवी लगाने के विभाग के प्रस्ताव को अभी तक नहीं माना है। मंत्रीमंडल की स्वीकृति के बाद यह प्रस्ताव उपराज्यपाल महोदय को भेजा जाता है और इस संबंध में मंत्रीपरिषद द्वारा किसी प्रकार की स्वीकृति नहीं ली गई है और प्रस्ताव उपराज्यपाल के अनुमोदनार्थ हेतु नहीं भेजा गया है।

‘मुद्दों पर होनी चाहिए चर्चा’
प्रधान सचिव, गृह की अध्यक्षता में गठित समिति के संदर्भ में स्पष्ट शर्तें हैं और यह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के सफल कार्यान्वयन की सुविधा के लिए है। मुख्यमंत्री और उनके मंत्रीपरिषद महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को अनदेखा कर रही है जो सीसीटीवी कैमरों की सफलता पूर्वक स्थापना से प्राप्त किया जा सकता है।
नियम और मानक संचालन प्रक्रिया के बिना इसके परिणाम संभव नहीं है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ सीसीटीवी कैमरों को लगाना नहीं होना चाहिए। बल्कि सीसीटीवी कैमरे किस प्रकार से महिलाओं, वृद्धों और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा करें यह लक्ष्य होना चाहिए।

गोपनीयता के मौलिक अधिकार और ‘सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट 2000’ की जरूरत से समझौता करके कैसे यह अपराध की रोकथाम और जांच करने में सहायक हो सकेगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधि मंडल ने उपराज्यपाल से मिलने से मना कर दिया है। बावजूद इसके उपराज्यपाल इस मुद्दे पर माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं।

महिलाओं, वृद्धों और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरी
उपराज्यपाल ने जोर देकर कहा कि महिलाओं, वृद्धों और बच्चों की सुरक्षा उनकी उच्च प्राथमिकता है और सीसीटीवी की स्थापना से सफल परिणाम समस्त हितधारक विभागों का लक्ष्य हो, जोकि स्वीकृति मानक संचालन प्रक्रिया में है। तथ्य यह है कि शहर में बिना किसी समन्वय के दो लाख से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं इसलिए उचित ढांचे की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है जिसमें दिल्ली में सभी सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे एक समान उद्देश्य से कानून प्रर्वतन, रोकथाम, अपराधों की जांच और समन्वय का उद्देश्यपूर्ण और नियमितता के आधार पर कार्य करें।

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