ज्यादा देर बैठे रहने से हो सकती हैं ‘सिटिंग डिजीज’ की बीमारी

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 मुंबई।    खुद ही सोचिए एक बार पूरे दिन में आप कितनी देर तक बैठे रहते हैं? दिनभर में आप कंप्यूटर के सामने कितने घंटे बिताते है ड्राइव करते समय टीवी देखते समय और कोई घरेलू काम करते हुए? हर काम के ल‍िए बैठ जाने के इस लत को ‘सीटिंग डिजीज’ कहते हैं।

लोगों में धीरे धीरे बैठे रहने की लत बढ़ती जा रही है। ऐसा हाल ही में एक रिसर्च में सामने आया है कि जरुरत से ज्यादा बैठे रहना स्वास्थ्य के ल‍िए हान‍िकारक साबित हो सकता है अगर आप रोजाना व्यायाम भी करते हैं इसके बावजूद भी। जरुरत से ज्यादा ‘पॉटेटो काउच’ बनना स्वास्थ्य के हानिकारक साबित हो सकता है। रिसर्च में साबित हुआ है कि जो लोग खड़े रहने से ज्यादा बैठना पसंद करते हैं वो लोग अमूमन कम जीते हैं।Image result for jyada der bethna

सीट‍िंग डिजीज के नुकसान क्या हैं?

सीट‍िंग डिजीज के बहुत नुकसान है जो आपको लाइफ में कभी भी बीमार कर सकते हैं। ज्यादा देर तक बैठने के नुकसान सिर पर असर लम्बे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने से शरीर में खून के थक्के बन सकते हैं। इस रक्त के दिमाग तक पहुंचने से यह स्ट्रोक का कारण बन सकता है। गर्दन पर असर पूरे दिन एक जगह पर बैठे रहने से टांगों में इकट्ठा हुआ तरल गर्दन तक पहुंच जाता है। जिसकी वजह नींद में सांस का रुकने की बीमारी हो सकती है। इसके साथ ही गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव होने की समस्या हो सकती है। लंग और हार्ट पर असर ज्यादा देर तक बैठे रहने से आप में पल्मोनरी एम्बोलिज्म यानी लंग में खून के थक्के जमने की संभावना दोगुना हो जाती है।

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जिसकी वजह से दिल का रोग और डायबिटीज़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पीठ पर असर लम्बे समय तक लगातार बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पर काफी दबाव पड़ता है। दबाव की वजह से मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं। ऐसे में रीढ़ की हड्डी के मानकों पर संकुचन पैदा होती है और एकदम से खड़े होने पर यह चोट का कारण बन सकती हैं। पेट पर असर ज्यादा देर तक बैठने से मोटापा और कोलोन कैंसर की प्रॉब्लम हो सकती है।

Image result for jayada der bethnaमांसपेशियों की रक्त वाहिनियों में मौजूद एंजाइम चर्बी के कम या बंद होने के लिए जिम्मेदार होते हैं जिससे शरीर के चयापचय संबंधी ईंधन यानी ऊर्जा में दिक्कत पैदा होती है।

सिट‍िंग डिजीज से लड़ने के उपाये

टर्न और बेंड स्‍ट्रेचिंग टर्निंग और बेंडिग के ल‍िए आप रोजाना 10 मिनट का एक लक्ष्य बना लें। स्‍ट्रेचिंग करने से आपके पूरे शरीर में गतिविधि होने के साथ ही ये मसल्‍स को क्रेम्पिंग से बचाता है। द‍िन में पांच से छह बार ये उपाये करने से आपका शरीर सीटिंग डिजीज से पूरी तरह लड़ता है। लंच वर्कआउट लंच में एक छोटा सा वर्कआउट आपके ल‍िए बहुत मददगार साबित हो सकता है। लंच के बाद आप गपशप की जगह वॉक पर जा सकते हैं। मिड-ब्रेक के दौरान आप एल‍िवेटर की जगह सीढि़यों से ऊपर और नीचे जा सकते हैं। बैठे रहने की तुलना में कुछ देर खड़े होना भी आपके मांसपेशियां को कम करने के साथ कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। आप खड़े होकर अपने बांहों को और अंगुलियों को स्‍ट्रेच कर सकते हैं।

Related imageये आपको आपके द‍िल की बीमार‍ियों से बचाने के साथ ही पीठ में होने वाले दर्द और मेटाबॉलिज्‍म से जुड़ी समस्याओं से न‍िजात द‍िलाता है। कंधे से जुड़ी व्यायाम आप टेबल पर बैठकर कंधों को टोंड करने वाली व्यायाम कर सकती हैं। अपने पीठ के विपरीत कुर्सी पर सीधा बैठकर जमीन पर अपने पांवों को टिकाकर अपने हाथों को अपने हथेलि‍यों के साथ सिर के पास से उठाएं और अपनी कोहनी को सीधा रखें। 30 सैकेंड तक इसी मुद्रा में रहें और अब गहरी सांस ले और छोड़े। अब धीरे धीरे अपने हाथों को नीचे रखें और हल्की हल्की सांस लें। ये व्यायाम आपके कंधों के मांसपेशियों को मजबूत बनाएंगी।

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