राजस्थान के इस कद्दावर नेता ने की सन्यास की घोषणा

0
179

सीकर। दिग्गज जाट नेता व राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नारायणसिंह बुरड़क ने चुनावों से कुछ माह पहले ही चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर सबको चौंका दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बेटे वीरेन्द्र सिंह को अपना उत्तराधिकारी भी घोषित कर दिया है.

दातारामगढ़ सीट से 6 बार के विधायक और जाट राजनीति के कद्दावर चेहरा रहे नारायणसिंह ने अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी की घोषणा कर अपने बेटे को विधायक बनाने के लिए लड़ाई शुरू कर दी है. खुद चुनाव न लड़कर नारायण सिंह अब अपने बेटे को टिकट दिलवाने के बाद जीत के लिए चुनावी समर में उतरेंगे.

नारायण सिंह ने यह घोषणा खाटू श्यामजी के पास अलोदा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में की. दरअसल नारायणसिंह की पूत्रवधू और पूर्व जिला प्रमुख रीटा सिंह टिकट पाने वालों की दौड़ में हैं. उनके पुत्र और पुत्रवधु में राजनीतिक लड़ाई चल रही है. ऐसे में नारायण सिंह ने अपने समर्थकों व पार्टी को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनके उत्तराधिकारी पूर्व प्रधान वीरेन्द्र सिंह ही होंगे.

किसान आयोग के पूर्व अध्यक्ष नारायण सिंह की पांच दशक तक दांतारागढ विधानसभा में जमकर तूती बोलती रही है. उनको सीकर में कांग्रेस की राजनीति का भीष्म पितामाह भी कहा जाता है, क्योंकि सीकर के कद्दावर महरिया परिवार को उन्होंने ही चुनौती देते हुए पीछे छोड़ा था. ईमानदार, पार्टी और कार्यकर्ताओं को समर्पित नारायण सिंह बुरड़क दबंग व थोड़े अक्खड़ स्वभाव के माने जाते हैं.

  • 1
    Share

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...