‘वेटिकन में मस्जिद नहीं, मक्का में मंदिर नहीं, तो फिर अयोध्या में मस्जिद कैसे’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का आदेश दिया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद विभिन्न पक्षों एवं राजनीतिक व धार्मिक संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। बीजेपी की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि हम कोर्ट का सम्मान करते हैं।

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इसके साथ ही हम राम भक्त भी हैं। हम एक ही बात कहेंगे कि जैसे वेटिकन सिटी में मस्जिद नहीं बन सकती, जैसे मक्का-मदीना में मंदिर नहीं बन सकता, उसी तरह से रामलला जहां पर हैं वहां दूसरा कोई धार्मिक स्थल नहीं बन सकता है।

राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रहीं उमा भारती ने कहा कि कोर्ट ने तो शुरू से कहा है कि यह भूमि विवाद का मामला है। आस्था का तो विवाद ही नहीं है। भूमि का केस होता है तो दोनों पार्टियां अगर समझौता कर लेती हैं तो कोर्ट उसे मानता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी परंपरा का निर्वहन किया है। उमा ने कहा है कि अच्छा होगा कि सभी मिलकर राम मंदिर निर्माण के लिए काम करें।

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