सावधान…शातिर जालसाज ट्रैफिक पुलिस की मेल आईडी बनाकर कर रहे ऑनलाइन ठगी

0
152
जयपुर। (विजय सैन) राजधानी में इन दिनों ऑनलाइन ठगी की वारदातों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन ऑनलाइन ठगी की वारदातें शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज हो रही है। जहां एक ओर सूचना प्रौद्येगिकी तेजी से देश में पैर पसार रहा है वहीं शातिर जालसाज नित नए तरीके ईजाद कर ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देकर सिस्टम का मजाक बना रहे हैं। शातिर जालसाजों ने ट्रैफिक पुलिस की फर्जी मेल आईडी बनाकर भोले-भाले लोगों को ठगना शुरू किया है। ये जालसाज लोगों को यातायात के नियम तोडऩे का हवाला देकर फर्जी मेल भेजते हैं और ऑनलाइन चालान राशि भरने की कहकर खाते की जानकारी लेकर वारदात को अंजाम देते हैं।
ऐसे देते है वारदात को अंजाम
ये शातिर जालसाज ट्रैफिक पुलिस की मेल आईडी से मिलती जुलती मेल आईडी से राजधानी के लोगों को मेल करते है जिनमें यातायात नियम तोडऩे की बात कही जाती है और जुर्माना न भरने पर जेल भेजने की धमकी दी जाती है। मेल में ही नीचे जुर्माना भरने का लिंक दिया जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही फर्जी अकाउंट सामने आ जाता है और चालक उस अकाउंट में राशि भेजकर ठगी का शिकार हो जाता है।
पीडि़त यादगार पहुंचे तब हुआ खुलासा 
शहरवासियों के पास जब मेल के जरिये ट्रैफिक चालान आने लगे तो कुछ लोगों ने ऑनलाइन जमा करवा दिए। लेकिन कुछ लोग चालान जमा करवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के कार्यालय यानि कि यादगार पहुंच गए। जब पुलिसकर्मियों ने फर्जी चालान देखा तब जाकर इन शातिर जालसाजों के काले कारनामों का खुलासा हुआ।
पुलिस का खौफ इतना की जमा करा दिए पैसे 
शहर के वाहन चालकों को अलग अलग मेल आईडी से यातायात पुलिस की ओर से जुर्माने के संदेश मिल रहे हैं। इन मेल के जरिये आप पर यातायात नियम तोडऩे का आरोप लगाया जाता है और जेल भेजने की धमकी भी दी जाती है और जेल से बचने के लिए जुर्माना भरने को कहा जाता है। पुलिस का खौफ तो आज भी आम इंसान में मौजूद है ही, और फिर पुलिस जेल भेजने की धमकी दे तो कोई भी इंसान जुर्माना भरने को तैयार हो जाएगा। कई लोगों ने मेल में दिए अकाउंट नंबर में जुर्माने की राशि तत्काल जमा करवा दी।
क्राइम ब्रांच कर रही जांच 
इस तरह के मामलों के उजागर होने के बाद यातायात पुलिस की शिकायत पर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच की टीम अब मामले की जांच कर रही है। हालांकि इन जालसाजों की गिरफ्तारी के बाद ही मामला पूरी तरह से साफ हो पाएगा। लेकिन आम लोग अगर जागरुक हों तो इस तरह की ऑनलाइन ठगी से बचा जा सकता है।
इनका कहना है 
इस तरह के मामले पहले की बजाय अब कम सामने आ रहे हैं। जुर्माने के संबंध में यातायात पुलिस की ओर से वाहन चालकों को ईमेल नहीं किया जाता है। हमारी तरफ से एडवाइजरी भी जारी की गई है। वाहन चालकों को उनके जुर्माने के नोटिस डाक से भेजे जाते हैं। इस तरह के ईमेल पर चालक विश्वास ना करें।
लवली कटियार,डीसीपी ट्रैफिक
  • 3
    Shares

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...