PM मोदी की हत्या की साजिश पर बोले राजनाथ- हारी हुई लड़ाई लड़ रहे माओवादी

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की साजिश पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम अपने प्रधानमंत्री की सुरक्षा का हमेशा ख्याल रखते हैं. उन्होंने कहा कि माओवादी और उग्रवादी अब अपनी हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं. माओवाद और उग्रवाद का काफी हद तक खात्मा हो गया है.

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. देश पीएम मोदी के साथ है. इस देश की जनता का आशीर्वाद प्रधानमंत्री के साथ है. उनको कुछ नहीं होगा. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को भी नसीहत दी. उन्होंने कहा कि साजिश को लेकर कांग्रेस जिस तरह से चिल्ला रही है, उसको बंद करना चाहिए.

दरअसल, माओवादियों की एक चिट्ठी सामने आई है,

18 अप्रैल को रोणा जैकब द्वारा कॉमरेड प्रकाश को लिखी गई चिट्ठी में कहा गया कि हिंदू फासिस्म को हराना अब काफी जरूरी हो गया है. मोदी की अगुवाई में हिंदू फासिस्ट काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में इन्हें रोकना जरूरी हो गया है.

इसमें लिखा है कि मोदी की अगुवाई में बीजेपी बिहार और बंगाल को छोड़ करीब 15 से ज्यादा राज्यों में सत्ता में आ चुकी है. अगर इसी तरह ये रफ्तार आगे बढ़ती रही, तो माओवादी पार्टी को खतरा हो सकता है. इसलिए वह सोच रहे हैं कि एक और राजीव गांधी हत्याकांड की तरह घटना की जाए.

इस चिट्ठी में कहा गया कि अगर ऐसा होता है, तो ये एक तरह से सुसाइड अटैक लगेगा. हमें लगता है कि हमारे पास ये चांस है. मोदी के रोड शो का टारगेट करना एक अच्छी प्लानिंग हो सकती है. इस मामले पर सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी का कहना है कि अगर इस प्रकार की कोई बात सामने आई है, तो इसकी जांच होनी चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी पर माओवादियों के द्वारा फिदायीन हमले कर हत्या करने की साजिश का खुलासे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह खुलासा देश को चौंकाने वाला है.

प्रधानमंत्री मोदी को लेकर हुए इस खुलासे पर आगे बोलते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रचा जा जाना देश का दुर्भाग्य है. गिरिराज सिंह ने इस बात की भी आशंका जताई कि अगर इस खुलासे के बाद देश सतर्क नहीं हुआ और ऐसे खुलासे को हल्के में लिया गया तो आने वाले दिनों में कोई भी बड़ी घटना हो सकती है.

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में हत्या कर दी गई थी. तमिलनाडु में एक सुसाइड बॉम्बर के जरिए राजीव गांधी को मार दिया गया था. पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुणे पुलिस का कहना था कि उसे ऐसे सबूत मिले हैं, जिसमें नक्सलियों द्वारा ‘राजीव गांधी हत्याकांड’ की तर्ज पर एक और कांड किए जाने की साजिश रचे जाने का पता चला है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...