राजकीय कॉलेज को 6 साल से भवन का इंतजार

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जयपुर। (एम.एल. शर्मा) उधार की इमारत में चल रहे राजधानी के एकमात्र सरकारी कॉलेज के लिए जमीन तलाश कर भवन बनाना खजाने की खोज की तरह हो गया है। कॉलज को चलते छह साल हो गए लेकिन कॉलेज के लिए जमीन आवंटित करने के बाद भी अभी भवन बनना तो दूर अभी तक कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है।
2013 से लेकर अब तक कॉलेज भवन बनाने के लिए सरकार की ओर से कई प्रयास हुए, लेकिन भवन बनाने का हर प्रयास विफल ही रहा। इसके चलते छह सालों से कॉलेज खानाबदोश हुआ पड़ा है। अब तक कॉलेज दो इमारतों में जैसे तैसे चल रहा है।
कॉलेज पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय 2011 में खोला गया था। फिलहाल यह कॉलेज गांधी सर्किल स्थित पोद्दार स्कूल भवन में चल रहा है।
18 कमरों में पढ़ रहे डेढ़ हजार छात्र
कॉलेज में साइंस, कॉमर्स और कला संकाय के तीनों सत्रों में 1250 से अधिक छात्र अध्ययनरत हंै। इसके अलावा 300 मूकबधिर छात्र भी कॉलेज में अध्ययनरत हैं। इन डेढ़ हजार छात्रों के बैठने और कॉलेज कार्यालय के संचालन के लिए पोद्दार स्कूल प्रशासन ने 18 कमरे दे रखे हंै। कॉलेज में छात्रों के बैठने की सुविधा नहीं होने के साथ ही पर्याप्त फैकल्टी का भी अभाव है।
मंत्री बदलने पर लगा झटका
मई 2015 में कॉलेज की किस्मत जागी, तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने पोद्दार स्कूल परिसर में ही कॉलेज के लिए 27876 वर्गमीटर जमीन आवंटित करने की घोषणा की। इसके बाद कॉलेज के लिए भवन बनाने के लिए 102 करोड़ रुपए मंजूरी मिली और 38 करोड़ रुपए की पहली किस्त भी जारी हुई। इसके बाद दिसंबर 2016 में मंत्रिमंडल में फेरबदल में मंत्री बदल गए और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
आचार संहिता लगने का डर 
कॉलेज भवन का समय रहते शिलान्यास नहीं किया गया तो दिसंबर में होने वाले विधानसभा को लेकर आचार संहिता लग जाएगी। आचार संहिता के बाद से लेकर चुनाव के बाद नई सरकार के गठन तक भवन का शिलान्यास होना मुश्किल है। ऐसे में छात्रों को कॉलेज भवन मिलने का इंतजार और लम्बा खिंच सकता है। भवन को लेकर जिस धीमी गति से प्रयास किए जा रहे हैं उस हिसाब से इस सत्र 2018-19 में तो छात्रों को कॉलेज भवन मिलना मुश्किल है।
कॉलेज का सफर…
  • 19 अगस्त 2013 को कॉलेज का पहना सत्र झालाना स्थित तकनीकी शिक्षा भवन में शुरू हुआ।
  • 2014 में पोद्दार स्कूल में उधार के कमरों में शिफ्ट।
  • मई 2015 में स्कूल परिसर में ही जमीन आवंटित।
  • सितंबर 2016 में भवन के लिए 37.94 करोड़ रुपए हुए जारी।
  •  इसके बाद कॉलेज के लिए आवंटित जमीन को निरस्त किया और तत्कालीन कॉलेज प्राचार्य को मार्च 2017 में राजस्थान विश्वविद्यालय में जमीन मांगने के लिए भेजा, इस पर विश्वविद्यालय ने मना कर दिया।
  •  कॉलेज छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने फिर से पोद्दार स्कूल के पास खाली पड़ी जमीन को ही भवन बनाने के लिए फिर दिया।
  • जुलाई में कॉलेज भवन के शिलान्यास करने की संभावना जताई गई, लेकिन अभी तक भवन का  शिलान्यास नहीं हो सका है।
इनका कहना है
कॉलेज खुलने के बाद छठवां सत्र चल रहा है, लेकिन अभी भी कॉलेज उधार के कमरों में ही चल रहा है। कॉलेज के लिए जमीन मिलने के बाद अब भवन के निर्माण कार्य के शिलान्यास का इंतजार है। अगर जल्द भवन बनाने का कार्य नहीं किया तो कॉलेज आयुक्तालय के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
-हरिओम सिंघल, छात्रसंघ अध्यक्ष, राजकीय कॉलेज जयपुर
कॉलेज आयुक्तालय ने मुख्यमंत्री का भवन का शिलान्यास करने की डेट देने के लिए फाइल भेजी हुई है। मुख्यमंत्री की तरफ से डेट आते ही भवन का शिलान्यास करवाकर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. कीर्ति शेखावत, प्राचार्य, राजकीय कॉलेज
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