छात्रनेताओं का पोस्टर चिपकाना विश्वविद्यालय के लिए पड़ा भारी

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जयपुर। छात्र नेताओं के अपनी राजनीति चमकाने के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में लगे साइन बोर्डों के केमिकल से पोस्टर चिपकाना विश्वविद्यालय को महंगा पड़ गया। पोस्टर लगाने से परिसर में लगे साइन बोर्ड खराब होने के साथ टूट गए। विवि जल्दी ही टूटे हुए साइन बोर्डों को हटाकर जल्दी ही नए साइन बोर्ड लगाने का कार्य कर रहा है।

विश्वविद्यालय कैंपस में 45 साइन बोर्ड लगे हुए हैं जिनमें से 27 साइन बोर्ड टूटने के साथ खराब हो गए हैं। नए साइन बोर्ड लगाने पर विश्वविद्यालय के लाखों रुपए का खर्चा आएगा। साइन बोर्डों के खराब होने और टूटने से बाहर से काम के लिए आने वाले लोगों और विद्यार्थियों को कैंपस में स्थित विभागों का पता नहीं चल पाता है। इससे उन्हें बड़ी परेशानी का सामाना करना पड़ता है। कई बार तो उन्हें कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।

कैमिकल से चिपकाए थे पोस्टर
विवि प्रशासन के बार-बार पोस्टर उतारने की कार्रवाई से उख्ताए छात्र नेताओं ने साइन बोर्डों व दीवारों पर अपनी चमक बनाए रखने के लिए कैमिकल से पोस्टर चिपकाने का नया तोड़ ढूंढ़ निकाला था। पोस्टर उतारने के दौरान साइन बोर्ड की लिखावट और उसका कवर भी पोस्टर के साथ ही उतरकर आ गए थे। इस पर कुलपति प्रो. आर.के. कोठारी ने कैमेस्ट्री के असिस्टेंट प्रोफेसर व प्रोक्टर बोर्ड मेंबर अम्मीलाल को कैमिकल से चिपके पोस्टरों को उतारने का तोड़ तलाशने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसका कोई तोड़ नहीं निकाला जा सका।

पोस्टर चिपकाकार संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले छात्रों पर नहीं होती कार्रवाई: चुनाव लडऩे से पहले छात्र नेताओं द्वारा विश्वविद्यालय कैंपस में स्थित साइन बोर्डों और दीवारों के पोस्टर चिपकाने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। यही कारण है कि विश्वविद्यालय को हर साल संपत्ति का नुकसान पहुंचता है, इससे लाखों रुपए खर्चा आता है। डीएसडब्ल्यू की ओर से चुनाव से पूर्व हर साल पोस्टर-बैनर लगाकर परिसर को बदरंग करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने से लेकर एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी दी जाती है। लेकिन आज तक डीएसडब्ल्यू कार्यालय की ओर से एक भी छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। डीएसडब्ल्यू की ओर से मात्र चेतावनी के रूप में नोटिस ही दिए जाते रहे हैं।

इनका ये कहना…
पुराने होने और पोस्टर चिपकाने से कुछ साइन बोर्ड टूटने के साथ खराब हो गए हैं। इन खराब साइन बोर्डों को हटाकर नए लगाने की तैयारी की जा रही है।
डॉ.एच.एस.पलसानिया, चीफ प्रोक्टर

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