रंगदारी नहीं देने पर पेशेवर अपराधियों से करवाया शूट

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जयपुर। राजधानी के जवाहर सर्किल थाना इलाके में 17-18 अगस्त की मध्यरात्रि सटोरिये अशोक गुप्ता पर हुई फायरिंग के मामले का मुख्य सरगना राजन सरदार ही निकला। मुंबई से गिरफ्तार हुए विशाल पंडित और गंभीर चौधरी ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है।

अशोक गुप्ता पर कातिलाना हमले का मास्टरमाइंड राजन सरदार

पूछताछ में विशाल पंडित और गंभीर चौधरी ने कबूल किया है कि अशोक गुप्ता के ऊपर जानलेवा हमले की साजिश राजन सरदार ने रची थी। उसी के कहने पर अशोक गुप्ता को जान से मारने की नियत से गोली मारी गई लेकिन किस्मत ने उसका साथ दिया और वो बच निकला। इस पूरे मामले में आरोपी गणेश अभी पुलिस की पकड़ से दूर है जिसकी तलाश के लिए टीम बनाकर भेजी गई है। रिमांड पर चल रहे आरोपितों से पूछताछ में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।

उपलब्ध कराए थे हथियार
पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि वारदात के लिए राजन सरदार ने ही विशाल, गंभीर और गणेश के लिए हथियार उपलब्ध करवाए थे। जवाहर सर्किल थाना इलाके में गत दिनों झाडिय़ों से बरामद हुई हथियारों की खेप के बारे में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि ये हथियार भी राजन सरदार ने ही गैंग में शामिल एक बदमाश को उपलब्ध करवाए थे। पुलिस जैसे-जैसे राजन सरदार से पूछताछ कर रही है और उस पर शिकंजा कस रही है वैसे वैसे ही राजन सरदार अनेक राज उगल रहा है।

रंगदारी नहीं देने पर हुआ विवाद
अशोक गुप्ता द्वारा सट्टे के कारोबार को लेकर रंगदारी देने से मना करने पर ही राजन सरदार ने अपनी गैंग के बदमाश विशाल पंडित, गणेश और गंभीर को कहकर अशोक गुप्ता पर जानलेवा हमला करवाया। वहीं इस बात का भी खुलासा हुआ है कि यदि कोई और भी व्यक्ति राजन सरदार को रंगदारी देने से मना करता था तो उन्हें राजन सरदार अपनी गैंग में शामिल बदमाशों द्वारा धमकाया करता और जान से मारने की धमकी भी दिया करता था। पुलिस पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि राजन सरदार अपने इलाके में तमाम थड़ी ठेले वालों से लेकर विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों से रंगदारी लिया करता था।

अंडरग्राउंड हुए कई बदमाश
जवाहर सर्किल थाना पुलिस द्वारा राजन सरदार को गिरफ्तार करने के बाद कई बड़े बदमाश अंडर ग्राउंड हो गए हैं। राजन सरदार की गैंग में शामिल कई बदमाश वर्तमान में अंडरग्राउंड चल रहे हैं जिनकी तलाश में पुलिस की टीम विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं सूत्रों की मानें तो राजन सरदार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के आला अधिकारियों के पास कई बड़ी राजनीतिक सिफारिशें भी आई जिसमें राजन सरदार को तुरंत रिहा करने की हिदायत पुलिस को दी गई।

आरोपितों के आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि राजन सरदार करीब दस साल पहले रामनिवास बाग की तरफ रहता था। तब उसके खिलाफ जुए सट्टे के करीब 7-8 प्रकरण दर्ज हुए थे। जिनमें 1-2 के अंदर जुर्माना लगा बाकि में बरी हो गया था। हत्या के प्रयास का ये पहला मामला है। आरोपित गंभीर और विशाल के खिलाफ अवैध हथियार रखने, लूट, हत्या के प्रयास, हत्या और मारपीट के काफी मामले दर्ज हैं। विशाल गांधीनगर में कपिल वर्मा हत्याकांड में गगन पंडित के साथ मुख्य आरोपियों में शामिल था एवं उस मामले में जेल भी काट चुका है। वहीं जवाहर नगर, गांधीनगर, जवाहर सर्किल, शिप्रापथ एवं विद्याधर नगर थानों में बंद हो चुका है। गंभीर हिंडौन में बैंक खजाना लूट में जेल जा चुका है। आरोपी लच्छू आहूजा के खिलाफ जुए सट्टे के एक दो मामले दर्ज हुए जिनमें वह बरी हो चुका है। हत्या के प्रयास में शामिल होने का उसका यह पहला मामला है।

राजनीति में भी है पकड़
पुलिस गिरफ्त में आया राजन सरदार राजनीतिक पहुंच भी रखता है और भाजपा के ओबीसी मोर्चे में पदाधिकारी है। राजन सरदार की सत्तारूढ़ पार्टी के कई राजनेताओं से भी अच्छी खासी नजदीकी है। सूत्रों के हवाले से एक खबर यह भी सामने आ रही है कि राजन सरदार को इस मामले से बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों के ऊपर राजनीतिक दबाव भी आया था। कई राजनेताओं के साथ राजन सरदार ने सोशल मीडिया पर भी फोटो अपलोड किए हुए हैं। वहीं जब राजन सरदार की गिरफ्तारी हुई तो आनन-फानन में राजनेताओं के साथ मालवीय नगर और जवाहर सर्किल इलाके में लगे हुए पोस्टर बैनर भी उतरवा दिए गए।

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