धर्म भाई ने किया रिश्ते को तार-तार…

0
61

जयपुर। राजधानी जयपुर के करधनी थाना इलाके में एक विवाहिता को बंधक बनाकर अलग-अलग जगहों पर ले जाकर दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यही नहीं जब आरोपियों का पीडि़ता से मन भर गया तो महज बीस हजार रुपए में उसके जिस्म का सौदा कर दिया। यहां पीडि़ता के साथ लगातार दो दिनों तक सामुहिक दुष्कर्म किया गया। जिस्मखोरों ने उसे ऐसा नोंचा कि उसके शरीर पर पड़े निशान उसके साथ हुई दरिंदगी को बयां कर रहे हैं। लेकिन बावजूद इसके पुलिस का मन नहीं पसीजा!

पीडि़ता की अपहरण, बंधक और दुष्कर्म की धाराओं में पेश की गई रिपोर्ट में नामजद आरोपियों को पकडऩा तो दूर उसकी गुमशुदगी दर्ज कर और बाद में उसे दस्तयाब कर मामले में इतिश्री कर ली। वारदात को सात महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद हालत ये है कि पुलिस मस्त है आरोपी बेखौफ हैं और पीडि़ता न्याय के लिए अपने पति के साथ दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

ये है मामला
जानकारी के अनुसार मूलत: मध्यप्रदेश की रहने वाली पीडि़ता अभी करधनी थाना इलाके में अपने पति और बच्चों के साथ में रहती है तथा निजी कंपनी में काम करती है। पीडि़ता का आरोप है कि दादी का फाटक निवासी आरोपी ताराचंद ने उसे धर्म की बहन बना रखा है। पिछले तीन-चार सालों से वो हर रक्षाबंधन पर उससे राखी बंधवाने आता है। यही कारण रहा कि पति और बच्चे भी उसे अपने घर का ही सदस्य समझते थे। लेकिन 20 फरवरी, 2018 के दिन आरोपी ने काम पर जाने के दौरान पीडि़ता को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसे जबरन अपनी कार में बैठा लिया और एक महिला और एक अन्य साथी के साथ उसे अगवा कर जोधपुर ले गया। पीडि़ता का आरोप है कि यहां आरोपी ताराचंद ने होटल के कमरे में उसे नशे का इंजेक्शन लगाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके बाद जम्मू के एक होटल में करीब आठ दिन, उसके बाद गुडगांव में किराए के कमरे में करीब 10-12 दिन और बाद में जयपुर के झोटवाड़ा के एक होटल के कमरे में दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी के दोस्त डोलू ने पीडि़ता के साथ जबरन दुष्कर्म किया।

बीस हजार में बेच दिया कोठे पर
पीडि़ता ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि आरोपी ताराचंद उसका दोस्त डोलू का जब मन भर गया तो अपनी एक महिला साथी के मार्फत उसे महज बीस हजार रुपए में जयपुर में ही किसी कोठे पर बेच दिया। यहां पर पीडि़ता के साथ लगातार दो दिनों तक सामुहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में जब उसकी तबीयत खराब हो गई तो आरोपी महिला ने सरना डूंगरी में ताराचंद के रिश्तेदार के मकान पर भिजवा दिया। लेकिन यहां भी पीडि़ता के साथ कोई रहम नहीं किया गया। यहां भी आरोपी ताराचंद उसका दोस्त डोलू और एक अधेड़ उम्र का साथी आ गया और यहां भी तीनों ने बारी-बारी से पीडि़ता से दुष्कर्म किया।

ये है वर्तमान स्थिति
इस संबंध में पीडि़ता ने अपने पति के साथ आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ इस्तगासे से रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में एफआर लगा दी। लेकिन हाईकोर्ट ने कमिश्नर को आदेश दिए और कमिश्नर के निर्देश पर दोबारा से केस री-ओपन किया गया है। जिसकी जांच अभी महिला उत्पीडऩ एडिशनल डीसीपी को सौंपी गई है। हाईकोर्ट ने दो महीने के अंदर महिला अनुसंधान अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे जो की आज तीन महीने बाद तक रिपोर्ट पेश नहीं की गई है। इस मामले में एक बात तो बिल्कुल साफ है कि करीब सात माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हंै। वहीं जब जांच-अधिकारी से इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने देने से मना कर दिया।

मेडिकल में हो चुकी है दुष्कर्म की पुष्टि

पीडि़ता के अधिवक्ता मनोहर सिंह ने बताया कि संबंधित जांच अधिकारी ने पीडि़ता का मेडिकल कराया तो उसमें दुष्कर्म की पुष्टि हो गई, होटल के प्रूफ भी पुलिस ने जमा कर लिए जो कि पुलिस की केस डायरी में दर्ज हैं। 164 के बयान मजिस्ट्रेट के सामने हुए थे वो पत्रावली में संलग्न हैं और मजिस्ट्रेट ने दुष्कर्म की घटना को मान लिया है। बावजूद उसके आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर पीडि़ता का आरोप है कि पुलिस ने उस पर राजीनामा करने का दबाव बनाया जब वो नहीं मानी तो आरोपी ताराचंद ने उसे और उसके पति और बच्चों को जान से मारने की धमकी दे दी। पीडि़ता का यह भी कहना है कि आरोपी उस पर कभी भी जानलेवा हमला कर सकता है।

आईपीसी की धारा 366 में दर्ज किया मामला बाद में 376 का लगाया आरोप

पुलिस का कहना है कि पीडि़ता अपने साथ काम करने वाले ताराचंद के साथ जम्मू वैष्णो माता मंदिर दर्शन करने चली गई थी। जिसके बारे में उसने अपने परिवार तक को नहीं बताया था। वहीं इसका पति उससे यहां-वहां ढूंढ़ता रहा, लेकिन जब वह नहीं मिली तो थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। बाद में पुलिस ने पीडि़ता को दस्तयाब कर उसके पति को सौंप दिया। उस समय पीडि़ता ने साथ जाने की बात कहीं थी,लेकिन चार-पांच दिन बाद ही पीडि़ता ने आरोपी के खिलाफ थाने में अपने भगाकर ले जाने की बात कहते हुए आईपीसी की धारा 366, 379 में रिपोर्ट दर्ज कराई साथ ही एटीएम चोरी कर 29 हजार रुपए और सोने-चांदी के जेवर चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इनका कहना है
मामले की जांच में कोई सच्चाई नहीं पाई गई थी। महिला की बात झूठ लगने के कारण इस केस में उस समय एफआर लगाई गई थी। अब दोबारा से मामला री-ओपन हो गया होगा। जिसका मुझे पता नहीं है।
अनिल जसोरिया, तत्कालीन थानाप्रभारी, करधनी

  • 1
    Share

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...