एक वर्ष में ही पुस्तकों की 3.71 करोड़ की बिक्री का कीर्तिमान किया स्थापित

जयपुर। राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी इस वर्ष जुलाई, 2019 में अपनी स्थापना की ‘‘स्वर्णिम जयन्ती’’ मनाने जा रही है जिसमें अकादमी के लगभग 200 प्रबुद्ध लेखकों को सम्मानित किया जाएगा। अकादमी द्वारा अब तक कुल 656 पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है। अकादमी के निदेशक डाॅ. बी. एल. सैनी ने बताया कि अकादमी के प्रकाशन न केवल प्रदेश में अपितु हिन्दी भाषी प्रदेशों में अत्यन्त लोकप्रिय हैं। अकादमी ने पुस्तकों की बिक्री में प्रत्येक वर्ष उत्तरोतर प्रगति करते हुए वर्ष 2018-19 में 3 करोड़ 71 लाख की बिक्री का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

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उन्होंने बताया कि अकादमी वर्ष 2018-19 में अपने लेखकों को लगभग 59.00 लाख की रायल्टी देने जा रही है। पारदर्शिता बनाये रखने के लिए लेखकों को रायल्टी का भुगतान आनलाईन किया जा रहा है। इसकी जानकारी अकादमी की वेबसाईट पर उपलब्ध है, जिससे लेखक अपनी रायल्टी का विवरण देख सकते हैं। डाॅ. सैनी ने बताया कि अकादमी कई महत्वपूर्ण कार्यो को अंजाम देने जा रही है। अकादमी ने ‘राजस्थान स्थापना स्वर्ण जयन्ती वर्ष-2000’ के उपलक्ष्य में प्रदेश के 61 स्वतंत्रता सेनानियों पर मोनोग्राफ प्रकाशित किए थे।

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इस श्रृंखला में अकादमी स्वयं की 50 वीं वर्षगांठ के स्वर्णिम अवसर पर अधिशेष स्वतंत्रता सेनानियों को शामिल करते हुए ग्रंथमालाओं का प्रकाशन करने जा रही है। यह कार्य राजस्थान के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास पर शोध की दृष्टि से उल्लेखनीय होगा। उन्होंने बताया कि अकादमी ने इस वर्ष से बीज ग्रन्थों के प्रकाशन पर भी कार्य प्रारम्भ कर दिया है। अकादमी के दुर्लभ मौलिक एवं अनुवादित ग्रन्थ ’’ई-बुक’’ (डिजिटाईजेशन) के रूप में शीघ्र ही अकादमी की वेबसाईट पर सुलभ होंगे।

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