तो क्या वार्ड ब्वॉय चलाएंगे एसएमएस अस्पताल!

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जयपुर। (सर्वेश तिवारी ) प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल सहित सूबे के सभी सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं एक बार फिर बेपटरी होने वाली हैं। सेवारत चिकित्सक, प्रदेशभर के 40 हजार से अधिक नर्सेज और अट्ठाईस सौ लेब टैक्नीशियन ने आने वाले दिनों में अपनी मांगों के नहीं माने जाने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन छेडऩे का ऐलान कर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।

ऐसे में जबर्दस्त मौसमी बीमारियों की चपेट में आए मरीजों की परेशानियों बढऩा तय है। अस्पताल आने वाले मरीजों के उपचार, जांच और दवा-इंजेक्शन देने वाले तीन प्रमुख कारकों के एक साथ अपना काम ठप कर देने पर हालात किस कदर भयावह हो सकते हैं।

इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। गौरतलब है कि प्रदेश के चिकित्सक, नर्सिंग कर्मचारी, लैब टैक्नीशियनों ने अपनी-अपनी मांगों के पूरी नहीं होने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी पूर्व में ही सरकार को दे दी है। यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता है तो सरकारी अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ेगा। चुनावी साल में आचार संहिता भी अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में लागू हो सकती है। ऐसे में हर संगठन की यही चाह है कि उनकी मांग जल्दी पूरी हो जाए।ऐसे में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की समस्याओं का बढऩा तय है।

सेवारत चिकित्सकों का आंदोलन 17 से
प्रदेश के दस हजार सेवारत चिकित्सकों में अपनी मांगों की क्रियान्विति नहीं होने से पहले ही रोष छाया हुआ है। सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेशाध्यक्ष की मानें तो 17 सितम्बर से प्रदेशभर के डॉक्टर एक बार फिर आंदोलन की राह अपनाएंगे। सेवारत चिकित्सक संघ प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि समझौते के बाद भी सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है। ऐसे में चिकित्सकों में रोष छाया हुआ है और वे 17 सितम्बर से आंदोलन करेंगे।

नर्सेज का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी
प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में लगभग 40 हजार नर्सेज हैं। इनमें राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन एकीकृत के सदस्य लगातार चार दिन से एसएमएस मेडिकल कॉलेज के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। नर्सेज एसोसिएशन अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन के बैनर तले वेतन विसंगति को दूर करने से लेकर पदनाम परिर्वतन करने सहित अन्य मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है।

28 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे लैब टैक्नीशियन
गे्रड पे और अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के लैब टैक्नीशियनों में भी जबर्दस्त रोष छाया हुआ है। टैक्नीशिनयन संघ प्रदेश प्रवक्ता महेश सैनी ने बताया कि प्रदेश में लैब टैक्नीशियनों की संख्या अट्ठाईस सौ के लगभग है। विभिन्न मांगों को लेकर लैब टैक्नीशियन 14 और 15 सितम्बर को काली पट्टी बांधकर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे तथा 24 से 26 सितम्बर तक 72 घंटे धनवंतरि आउटडोर एसएमएस अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 28 सितम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान मरीजों को होने वाली परेशानियों की जिम्मेदारी सरकार की होगी । सैनी की मानें तो इसके पहले भी चिकित्सा विभाग के लैब टेक्नीशियन इनकी जायज मांगों व वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए आंदोलन कर चुके हैं। लेकिन सरकार ने सिर्फ आश्वासन ही दिया जबकि लैब टैक्नीशियनों की मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया । ग्रेड पे के तुलनात्मक ब्यौरे में यूपी, बिहार सहित अन्य प्रदेशों लैब टैक्नीशियनों को 4200 ग्रेड पे ही दिया जा रहा है जबकि राजस्थान में 2800 ग्रेड पे लैब टैक्नीशियन को दिया जा रहा है। इसे लेकर कर्मचारियों में रोष छाया हुआ है।

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