RIMS में पैसे लेकर बदली जाती है पोस्मार्टम रिपोर्ट! ऐसे हुआ खुलासा

ऐसा ही एक और मामला रिम्स में सामने आया जब रिम्स के कारगुजारी ने पूरे समाज को शर्मशार कर दिया। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने मुर्दा से भी पैसा वसूल लिया। गौरतलब है कि कांके प्रखंड के बाढ़ू स्थित बरवाटोली गांव का रहने वाला अनिल उड़ांव की मौत कुआं में डूब जाने से हो गई। मृत्क अपने पारिवारीक शादी में शामिल होने के लिए बोड़ेया के अरसंडे गांव गया हुआ था, जहां यह घटना घटी।

मृतक के परिजन नंदा उड़ांव ने कहा कि रिम्स के पोस्टमार्टम हाउस में लाश लेने के लिए गया हुआ था। पोस्टमार्टम हाउस में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने पहले 20 हजार रुपए की मांग की। परिजन ने जब पैसा मांगने का कारण पूछा, तो पोस्टमार्टम हाउस का कर्मचारी ने कहा तुम्हारा आदमी शराब के नशे में मरा है। पोस्टमार्टम के दौरान उसके पेट में अल्कोहल पाया गया है। अगर रिपोर्ट में शराब की बात रहेगी तो एलआईसी के पैसे नहीं मिलेंगे। यह बात कहते हुए उसने 20 हजार रुपए का मांगा। जब परिजनों ने इतने पैसे देने में असमर्थता जताई तो बात 12 हजार पर फाइनल हुआ।

उसके बाद पैसे का भुगतान की बात स्वीकार करने के बाद मात्र आधे घंटे में पोस्टमार्टम कर शव को सौंप दिया गया। परिवार के लोग शव को लेकर अपने घर चले गए।
मृत्क अनिल उड़ांव अपने घर में एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। अनिल के कंधे पर अपनी पत्नी के साथ दो लड़की और एक लड़के की पालन-पोषण की जिम्मेवारी थी। पति की मौत के बाद से ही पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। ऐसे में मृत व्यक्ति के परिवार वालों से रिपोर्ट में हेरफेर करने के नाम पर पैसा वसूल लेना धरती के भगवान को कलंकित करता है।

रिम्स को गरीबों का अस्पताल कहा जाता है। केवल झारखंड ही नहीं बल्कि इसके आसपास के राज्यों से भी मरीज आपना इलाज के लिए आते है। 1500 बेड के इस अस्पताल में कई आधुनिक मशीनें लगाई गई है लेकिन समाज के इस बदलते परिवेश में आज धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों के चरीत्र को उजागर कर दिया है। चंद पैसों के लिए अपना ईमान और जमीर बेच डाला ऐसे चिकित्सक अपने पेशे को कलंकित कर रहे है।

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