स्टीफन हॉकिंग ने दुनिया को कहा अलविदा

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दुनिया के जानेमाने वैज्ञानिक स्टीफन का 76 साल की उम्र में निधन हो गया। 1963 से वे मोटर न्यूरान नामक बिमारी से पीडित थे। जिससे उन्हे लकवा मार गया था। व्हील चेयर पर अपने जीवन सघर्ष के बावजूद विज्ञान के क्षेत्र में नई खोज जारी रखी। हॉकिंग ने सापेक्षता (रिलेटिविटी), ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी को समझने में अहम भूमिका निभाई थी। ब्रिटिश वैज्ञानिक ने विज्ञान के क्षेत्र से जुड़ी कई जानी-मानी किताबें लिखी हैं, जिनमें साल 1988 में ए ब्रीफ हिस्टरी ऑफ टाइम सबसे ज्यादा मशहूर हुईं। जिसकी एक करोड़ से ज्यादा प्रतियां बिकीं।

हौसले से दी नई खोज:
हमेशा व्हील चेयर पर रहने वाले हॉकिंग किसी भी आम इंसान से इतर दिखते थे। विश्व प्रसिद्ध महान वैज्ञानिक और बेस्टसेलर रही किताब ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइमÓ के लेखक स्टीफन हॉकिंग ने शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हु्ए यह साबित किया था कि अगर इच्छा शक्तिहो तो इंसान कुछ भी कर सकता है।

अपनी खोज के बारे में हॉकिंग ने कहा था, ‘मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैंने ब्रह्माण्ड को समझने में अपनी भूमिका निभाई। इसके रहस्य लोगों के खोले और इस पर किए गए शोध में अपना योगदान दे पाया। मुझे गर्व होता है जब लोगों की भीड़ मेरे काम को जानना चाहती है। साल 2014 में जब हॉकिंंग फेसबुक पर पहली बार आए तब उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में अपने प्रशंसकों को ‘जिज्ञासुÓ बनने की नसीहत दी थी।

द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग में अहम किरदार:
साल 1942 में 8 जनवरी को स्टीफन का जन्म इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड में हुआ था। साल 1959 में नेचुरल साइंस की पढ़ाई ऑक्सफोर्ड से करने के बाद कैम्ब्रिज में पीएचडी के लिए गए। साल 2014 में उनके जीवन पर द थ्योरी ऑफ एवरीथिंग बनी जिसमें एडी रेडमैन ने हॉकिंग का किरदार अदा किया था

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