सरकार संवाद के बहाने पुलिसकर्मियों से कर रही सौतेला व्यवहार

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जयपुर। (मोहम्मद अहमद ) राज्य सरकार कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल बनाकर पुलिसकर्मियों को लाभार्थियों की श्रेणी में तो ले आई लेकिन उनको जिस तरह शिक्षकों को सुविधा दी उस तरह से पुलिसकर्मियों को सुविधा नहीं दे रही। यहां तक की पुलिसकर्मी खुद के साथ अपने दो परिजनों का किराया तक अपनी जेब से दे रहे हैं, जिसको लेकर पुलिसकर्मियों में जबर्दस्त रोष व्याप्त है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि आखिर हमारे साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है। राज्य सरकार ने जिस विभाग में जिसकी मदद की उसी को बुलाकर जनसंवाद कर रही है।

कुछ दिन पहले शिक्षकों को अमरूदों के बाग में बुलाकर जनसंवाद किया था। शिक्षकों को लाने जे ले जाने का पूरा खर्चा उसके अलावा तीन दिन की छुटटी, 1700 रुपए नकद, तीन फीत कर्मचारियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया लेकिन हाल ही कांस्टेबल से हैडकांस्टेबल बने छह सौ पुलिसकर्मी राज्य भर के कोने -कोने से आएंगे और 19 सितम्बर को पुलिस अकादमी में इनसे सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सीधे संवाद करेंगी।

एक एक पुलिसकर्मी के साथ दो दो परिजनों को लाना जरूरी है। इसको लेकर बाकायदा पुलिस विभाग ने एक आदेश तक जारी करके सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को भेज दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दूरदराज से आने वाले पुलिसकर्मी अपने खर्च से ही अपने परिजनों को साथ लेकर आएंगे, उनको ना तो यहां से रवाना होने के बाद कोई छुटटी मिलेगी, ना ही वेतन भत्ते, सिर्फ खाने के पैकेट ही मिलेंगे। इसको लेकर पुलिसकर्मियों में जबर्दस्त रोष व्याप्त है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि आखिर हमारे साथ ऐसा व्यवहार क्यों।

पुलिस मुख्यालय ने निकाला ये आदेश
सभी को रोडवेज बसों/ सरकारी बसों से लाना है। परिजनों का किराया स्वयं का लगेगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी पदोन्नत हैड कांस्टेबल व उनके परिजनों के खाने/पानी की व्यवस्था फ्री में की गई है। जयपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा ठहरने के स्थान की सूचना सभी जिलों में मेल द्वारा अलग से कर दी जाएगी। फीत सभी को स्वयं साथ में लानी है व उसको कमीज पर फीत चिपकाने के लिए वेल्क्रो लगाना है।

चिट बटन वाली फीत में लगाने में समय लगता है । फीत परिजनों द्वारा लगाई जाएगी तथा जिनके परिजन नहीं आए हैं उनकी फीत संबंधित जिले से आए हुए अधिकारी लगाएंगे। बाल कटिंग, जूते पॉलिस, वर्दी पूरी तरह तैयार होने चाहिए। मुख्य समारोह में जनरल सेल्यूट के समय सभी को बैठे-बैठे सावधान होना है। राष्ट्रगान के समय सभी को अपने स्थान पर खड़े हो जाना है।

सभी पदोन्नत हैड कांस्टेबल व उनके परिजनों की बैठने की व्यवस्था नीचे कारपेट पर की गई है। पदोन्नति पाने वालों में महिला कर्मचारी है तो साथ में आने वाले स्टाफ में महिला अधिकारी/कर्मचारी को भी लाना है। बसों की ग्राउंड के पास ही पार्किंग की गई है। उनके साथ आने वाले ड्राइवरों के विश्राम, खाने व पानी की भी व्यवस्था उसी स्थान पर की गई है। कार्यक्रम में बैठने से पूर्व शौच/टॉयलेट आदि से निवृत हो लें।

कार्यक्रम के बीच में ना उठें। सभी को पानी की बोतलें वितरित की जाएंगी। पानी पीकर बोतल को अपने पास ही रखें। नहीं तो वह मैदान में इधर उधर उड़ती रहेंगी। कार्यक्रम समाप्त हो जाने व मुख्य अतिथि के चले जाने के बाद सभी अपने स्थान पर पुन: बैठ जाएंगे। यहीं पर उन्हें खाने के पैकेट वितरित किए जाएंगे। यह खाने के पैकेट साथ में गया हुआ स्टॉफ एक बताए गए निश्चित स्थान से लेकर आएंगे।

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