जाने कब है अष्टमी और नवमी की तिथि और पूजा मुहूर्त

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 नवरात्रि पर्व का समापन होता है रामनवी के साथ। इस दिन कन्याओं का पूजन करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। इस बार राम नवमी 13 और 14 अप्रैल दोनों दिन है। मान्यता है कि चैत्र नवरात्रि के नवमी को ही भगवान राम का जन्म हुआ था।इस दिन भगवान विष्णु के 7वें अवतार भगवान राम जन्मदिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम की पूजा तो होती ही साथ ही भाई लक्ष्मण और मां सीता के साथ हनुमान जी की भी पूजा की जाती है।
नवरात्रि के अष्टमी और नवमी के दिन लोग कन्या भोजन कराते हैं। माता रानी के भोग लिए हलवा-पूरी, चने आदि का प्रसाद तैयार कर माता रानी को भोग लगाया जाता है।सबसे पहले नौ कन्याओं को आदर से अपने घर बुलाकर शुद्ध पानी से उन सभी के पैरे धोकर उन्हें एक साथ बैठाएं। उनके तिलकर कर कलावा बांधकर उन्हें प्रेम से भोजन कराया जाता है और फिर उपहार में कोई वस्तु देकर उन्हें विदा किया जाता है।

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