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​सरकारी पैनल का दावा, भारत में फरवरी 2021 तक खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस

  • Mahanagartimes
  • 18 October, 2020

देश

देश में रविवार को कोरोना संक्रमण के 61,871 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही भारत में कुल संक्रमितों की संख्या 74 लाख के पार हो चुकी है। मगर भारत सरकार के बनाए वैज्ञानिकों के पैनल का दावा है कि कोरोना अपने पीक से गुजर चुका है। पैनल के मुताबिक, कोरोना वायरस के फरवरी 2021 तक खत्म होने की संभावना है। पैनल के मुताबिक, भारत में कोरोना के 10.6 मिलियन यानी एक करोड़ छह लाख से ज्यादा मामले नहीं होंगे। अभी भारत में कोरोना के कुल मामले 75 लाख के करीब हैं।आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर एम. विद्यासागर की अध्यक्षता में बनी विशेषज्ञ समिति ने कहा कि वायरस से बचाव को लेकर किए जा रहे उपाय जारी रखे जाने चाहिए। समिति ने महामारी के रुख को मैप करने के लिए कम्प्यूटर मॉडल्स का इस्तेमाल किया है। फरवरी तक महामारी पर काबू होने की भी उम्मीद है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब लोग कोरोना से बचाव के नियमों का पूरी तरह से पालन करना जारी रखें। समिति के मुताबिक, अगर भारत ने मार्च में लॉकडाउन न लगाया होता तो देशभर में 25 लाख से ज्यादा लोगों की जान गई होती। अबतक इस महामारी से 1.14 लाख मरीजों की मौत हुई है। समिति ने कहा है कि त्योहारों और संर्दियों के चलते संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिए वर्तमान सुरक्षात्मक उपायों को जारी रखा जाना चाहिए। भारत में सर्दियों के मौसम में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर देखने को मिल सकती है। कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची में शामिल भारत के लिए यह चिंता का विषय है। देश पहले से ही वायरस का दंश झेल रहा है और अगर महामारी दूसरी लहर आती है तो स्थिति अधिक बिगड़ सकती है। कोरोना वायरस महामारी से निपटने के प्रयासों में समन्वयन के लिए गठित विशेषज्ञ पैनल के प्रमुख और नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने कहा है कि हम सर्दी के मौसम में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका से इनकार नहीं कर सकते हैं। वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा, एक बार वैक्सीन आ जाए, उसके बाद उसे नागरिकों को उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।पॉल ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में कमी आई है। उन्होंने कहा, कोरोना महामारी अधिकतर राज्यों में स्थिर हो रही है। हालांकि, पांच राज्य (केरल, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल) और तीन-चार केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां अभी भी संक्रमण में बढ़ोतरी हो रही है।