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​राजस्थान:एसओजी ने लाईब्रेरियन भर्ती परीक्षा में 5 फर्जी अभ्यर्थियों को किया गिरफ्तार

  • Mahanagartimes
  • 20 September, 2020

क्राइम

राजस्थान:एसओजी ने लाईब्रेरियन भर्ती परीक्षा में 5 फर्जी अभ्यर्थियों को किया गिरफ्तार

महानगर संवाददाता
जयपुर। राज्य अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा शनिवार को आयोजित पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड तृतीय प्रतियोगी भर्ती परीक्षा में जयपुर एसओजी को सूचना प्राप्त हुई कि इस भर्ती परीक्षा में एक नकल गिरोह सक्रिय है जो जयपुर से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है और विभिन्न शहरों में परीक्षा केन्द्रों पर मूल परीक्षार्थियों के स्थान पर गिरोह के सदस्यों को फर्जी परीक्षार्थी के रूप में बिठा कर मोटी रकम वसूलता है। इस पर एसओजी द्वारा पिछले दो दिन से आधा दर्जन टीमों द्वारा निगरानी की जा रही थी।
उक्त सूचना पर एसओजी के उप महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार, के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक दिगंत आनन्द के नेतृत्व में पृथक-पृथक टीमों का गठन किया गया। आधा दर्जन टीमों द्वारा आरोपियों के जयपुर से रवाना होते ही पीछा कर निगरानी की गई। टीमों ने कार्रवाई करते हुए उदयपुर स्थित जवाहर जैन शिक्षण संस्थान, हिरणमगरी पर दबिश देकर बहादुर सिंह निवासी अमरिया पाडा, बांसवाड़ा के स्थान पर कमलेश विश्नोई निवासी चैनपुरा थाना धौरीमन्ना, जिला बाड़मेर को परीक्षा देते हुए व उसके सहायता करने के आरोप में कमलेश विश्नोई निवासी आलेटी थाना धौरीमन्ना, जिला बाडमेर को गिरफ्तार किया। भरतपुर भेजी गई टीम ने जिला पुलिस के सहयोग से सुरजीत गल्र्स सैकेण्डरी स्कूल, नमक कटरा भरतपुर में दबिश दे कर वहॉ धन सिंह मीणा निवासी बडकी करौली के स्थान पर अशोक विश्नोई निवासी सिंधासवा चौहान, थाना गुढामलानी, जिला बाड़मेर को परीक्षा देते हुए एवं श्रवण विश्नोई को उसका सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
इसी प्रकार जोधपुर टीम द्वारा जिला पुलिस के सहयोग से राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नागौरी गेट परीक्षा केन्द्र पर दबिश देकर मोहन लाल निवासी हेमागुढा, थाना झाब जिला जालौर के स्थान पर परीक्षा देते हुए अचला राम जाट उर्फ अशोक निवासी भलखाडी थाना सिंगधरी, जिला बाडमेर को गिरफ्तार गया।
गिरफ्तार आरोपियों ने प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि गिरोह का सरगना दिनेश विश्नोई पुत्र नाथू लाल निवासी नेहड़ा जिला पाली है जो परीक्षार्थियों से पैसे लेकर उनकी जगह गिरोह के अन्य सदस्यों को फर्जी परीक्षार्थी के तौर पर बैठाकर प्रतियोगी परीक्षा पास करवाने की गारंटी लेता है तथा परीक्षा के प्रवेश पत्र के अनुसार फोटो मिक्सिंग करके नकली आधार कार्ड बनाकर फर्जी परीक्षार्थी तैयार करते है। एसओजी द्वारा गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश व गिरोह द्वारा कितने अभ्यर्थियों से अब कितनी राशी वसूली गई है, इस संबंध में गहनता से पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी एवं सधन पूछताछ से विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले बड़े गिरोह का खुलासा होने की संभावना है। उदयपुर, भरतपुर एवं जोधपुर में सफलता मिलने के साथ ही अन्य जिलों का भी अनुसंधान किया जा रहा है।