लखनऊ/गृह विभाग का समीक्षा अधिकारी बनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार

लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने गृह विभाग के फर्जी समीक्षा अधिकारी को लोक भवन परिसर से गिरफ्तार किया। उसके पास से कई कूट रचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसमें सचिवालय का परिचय पत्र, पास व अन्य दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक वह लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज अंजनी कुमार पांडेय के मुताबिक मंगलवार देर शाम करीब आठ बजे पुलिस टीम ने लोक भवन परिसर से एक जालसाज को दबोच लिया। अंबेडकरनगर के टांडा स्थित शादीपुर का रहने वाला प्रेमसागर खुद को गृह विभाग में समीक्षा अधिकारी बताता था। उसने कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले हैं। मंगलवार दोपहर को इंदिरानगर के खुर्रमनगर पंतनगर निवासी अबु फैसल ने तहरीर दी। जिसकी जांच के लिए शाम को पुलिस टीम लोक भवन गई। वहां पुलिस ने प्रेमसागर के बारे में पूछताछ की तो समीक्षा अधिकारी होने की पुष्टि नहीं हुई। इसी बीच प्रेमसागर को परिसर में घूमते हुए देखा गया। पुलिस ने घेराबंदी कर परिसर से उसे दबोच लिया। देर शाम अबु फैसल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक पकड़ा गया जालसाज प्रेमसागर खुद को गृह विभाग का समीक्षा अधिकारी बताता था। उसके झांसे में आने वाले बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर पांच से 10 लाख रुपये तक वसूलता था। यहीं नहीं, कई अधिकारियों व कर्मचारियों से ट्रांसफर व पोस्टिंग के नाम पर भी लाखों रुपये वसूल चुका है। रुपये लेने के बाद वह अकसर मोबाइल पर बात करने से बचता था। अगर बात हो गई तो विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ मीटिंग में होने की बात कहकर टालमटोल करता था। जब रुपये देने वाले अधिकारी या कर्मचारी का आमना-सामना होता तो उसे वापस करने की बात कहकर निकल जाता। कुछ के दबाव पड़ने पर रुपये भी वापस कर देता था।