- मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में दुनिया के 24 देशों और 214 शहरों से जुटे हजारों साधक
- आध्यात्मिक जगत, उद्योग और समाज की दिग्गज हस्तियों ने गुरुदेवश्री राकेशजी को दी शुभकामनाएं

मुंबई। श्रीमद राजचंद्र मिशन धर्मपुर के तत्वावधान में मुंबई का जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर 25 और 26 सितंबर को आध्यात्मिक चेतना, सेवा और मानवीय सरोकारों के विराट संगम का साक्षी बना। अवसर था पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी की 60वीं जयंती का, लेकिन ‘अहो गुरुदेव – 60 इयर्स ऑफ एन एनलाइटन्ड एक्ज़िस्टेंस’ महज जन्मदिन समारोह बनकर नहीं रह गया। दो दिवसीय आयोजन में आध्यात्मिकता को सेवा और सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने वाली 60 नई पहलों की घोषणा ने इसे एक बड़े वैश्विक सेवा-संकल्प का रूप दे दिया।
दुनिया के 24 देशों और 214 शहरों से पहुंचे हजारों साधकों, युवाओं और स्वयंसेवकों के साथ आध्यात्मिक जगत, उद्योग, कॉरपोरेट और सामाजिक क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियों ने आयोजन में भाग लिया। विशाल कन्वेंशन सेंटर में अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों का एक मंच पर जुटना आयोजन की व्यापकता को दर्शाता रहा।
आध्यात्मिक जगत की दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा

समारोह में पूज्य मोरारी बापू, पूज्य आनंदमूर्ति गुरुमा, स्वामी चिदानंद सरस्वतीजी, स्वामी स्वरूपानंदजी, बीके सिस्टर शिवानी, साध्वी भगवती सरस्वती और भिक्षु संघसेनाजी सहित अनेक आध्यात्मिक हस्तियों की उपस्थिति रही। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, इन्फोसिस के संस्थापक एवं चेयरमैन एमेरिटस पद्म विभूषण एन. आर. नारायण मूर्ति, टाटा संस के चेयरमैन पद्म भूषण एन. चंद्रशेखरन, महाराष्ट्र-गुजरात-गोवा क्षेत्र के GOC लेफ्टिनेंट जनरल डी. एस. कुशवाहा, सांसद एवं पद्म श्री हेमा मालिनी, HDFC के पूर्व चेयरमैन पद्म भूषण दीपक पारेख, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के संस्थापक एवं मैनेजिंग डायरेक्टर पद्म श्री दिलीप सांघवी, शेफ एवं वंडरशेफ के सह-संस्थापक पद्म श्री संजीव कपूर, रिलायंस रिटेल एवं रिलायंस जियो के डायरेक्टर मनोज मोदी, अडानी ग्रुप के प्रमोटर विनोद अडानी और हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन अशोक हिंदुजा भी समारोह में शामिल हुए। अभिनेता एवं निर्माता रणबीर कपूर, सोनम कपूर आहूजा, टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस सुधीर मेहता, कोटक महिंद्रा AMC के MD नीलेश शाह, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के को-फाउंडर मोतीलाल ओसवाल और पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मधुकर पारेख समेत अनेक प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही।
60 साल पूरे... अब सेवा की 60 नई शुरुआत
समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण 60 नई पहलों की घोषणा रही। इन पहलों को आध्यात्मिक और सेवा कार्यों में विभाजित किया गया। सेवा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, पशु कल्याण, रोजगार, पर्यावरण और महिला सशक्तीकरण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं। इनमें श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल कैंसर हॉस्पिटल, सुरेंद्रनगर में श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज, मानसिक स्वास्थ्य के लिए नई पहल और 60 नए श्रीमद राजचंद्र लव एंड केयर सेंटर प्रमुख हैं। देशभर में मल्टी-स्पेशियलिटी मेगा मेडिकल कैंप के साथ एनीमिया और विजन केयर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन पहलों के माध्यम से 6 करोड़ लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
पशु सेवा के लिए बनेगा मेगा कैंपस
पशु कल्याण के क्षेत्र में धर्मपुर में एक मेगा कैंपस की घोषणा की गई है। इसमें श्रीमद राजचंद्र एनिमल हॉस्पिटल, एनिमल शेल्टर, वेटरनरी साइंस इंस्टीट्यूट और अहिंसा अवेयरनेस सेंटर शामिल होंगे। इसके अलावा मुंबई के मलाड में भी एक एनिमल हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। तकनीक और युवाओं को ध्यान में रखते हुए श्रीमद राजचंद्र दिशा (DISHA) नाम से मुफ्त AI-पावर्ड करियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म शुरू किया जाएगा। विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए मुंबई में स्कूल और ग्रामीण भारत के लिए श्रीमद राजचंद्र सर्वमंगल यूनिवर्सिटी की भी घोषणा की गई। पर्यावरण के क्षेत्र में वृक्षारोपण की श्रीमद राजचंद्र एफॉरेस्टेशन पहल के साथ महिलाओं के सशक्तीकरण और समुदाय आधारित विकास से जुड़ी कई योजनाएं भी प्रस्तावित की गईं।
आध्यात्मिक विस्तार भी वैश्विक स्तर पर

आध्यात्मिक क्षेत्र में मुंबई में एक नए आध्यात्मिक केंद्र की स्थापना की जाएगी। श्रीमद राजचंद्र आश्रम में वेलनेस सेंटर, सॉलिट्यूड ग्रोव्स और श्रीमद राजचंद्र म्यूजियम जैसी नई सुविधाएं विकसित होंगी। दक्षिण अमेरिका में छह नए सत्संग केंद्र शुरू किए जाएंगे। गुरुदेवश्री के प्रवचन, पुस्तकें और ध्यान सामग्री दुनिया की आठ सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा 60 किताबों को 10 भाषाओं में छह-छह शीर्षकों के रूप में तैयार करने और श्रीमद राजचंद्रजी की महान रचना ‘आत्मसिद्धि शास्त्र’ पर गुरुदेवश्री राकेशजी की व्याख्या 60 भाषाओं में उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
11 युवाओं ने लिया ब्रह्मचर्य का संकल्प
आयोजन का एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण ‘आत्मार्पित दीक्षा’ समारोह रहा। इसमें 11 युवा साधकों ने ब्रह्मचर्य का व्रत लेकर अपना जीवन उच्च उद्देश्य के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया। 26 सितंबर की शाम को ‘अहो गुरुदेव’ नाम से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इसमें युवाओं ने गुरुदेवश्री राकेशजी के जीवन, विचारों और कार्यों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं।
तीन संदेशों पर केंद्रित रहे गुरुदेवश्री के प्रवचन
पूरे आयोजन के दौरान गुरुदेवश्री राकेशजी ने तीन प्रमुख विचारों पर केंद्रित प्रवचन दिए—‘सोच-समझकर चुनाव करना’, ‘साहस के साथ त्याग करना’ और ‘करुणा के साथ सेवा करना’। इन संदेशों के जरिए आध्यात्मिकता को केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित न रखते हुए उसे समाज और मानवता के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया।
चार साल की उम्र से शुरू हुई यात्रा, छह महाद्वीपों तक पहुंचा संदेश
श्रीमद राजचंद्र मिशन के अनुसार, गुरुदेवश्री राकेशजी ने चार वर्ष की उम्र से ही साधकों को प्रभावित करना शुरू कर दिया था। छह दशकों की यात्रा में उनकी आध्यात्मिक गतिविधियों और सेवा कार्यों का विस्तार छह महाद्वीपों तक हुआ है। उनकी गतिविधियों से युवाओं, कॉरपोरेट जगत, ग्रामीण समुदायों, जरूरतमंदों और पशु कल्याण से जुड़े कार्यों तक विभिन्न क्षेत्रों में लोग जुड़े हैं। यही कारण रहा कि 60वीं जयंती का यह आयोजन केवल एक व्यक्ति के जीवन का उत्सव न होकर उससे जुड़े सेवा और आध्यात्मिक कार्यों के विस्तार के संकल्प का मंच बन गया।
मुंबई से शुरू हुआ सिलसिला, अब विदेशों तक पहुंचेगा आयोजन
मुंबई में हुए इस पहले बड़े कार्यक्रम के बाद ‘अहो गुरुदेव’ समारोह देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में भी आयोजित किया जाएगा। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में दुबई, लंदन, टोरंटो और अमेरिका के कई शहर शामिल हैं। इस तरह ‘अहो गुरुदेव’ का संदेश एक भव्य जयंती समारोह से आगे बढ़कर आध्यात्मिक चेतना, सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी के वैश्विक अभियान के रूप में विस्तार लेने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दिया।
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