राजस्थान में 11 दिसंबर को हुए 12 जिलों की 50 नगर निकायों में मतगणना जारी है। 43 नगर पालिका और 7 नगर परिषदों के 1775 वार्डों के लिए वोट डाले गए थे। इन चुनावों में 7249 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। मतगणना सुबह नौ बजे शुरू हो गई और दोपहर तक अधिकांश परिणामों के आने की संभावना है। अलवर, बारां, करौली, दौसा, भरतपुर, जयपुर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, कोटा, सवाईमाधोपुर, सिरोही जिलों ये चुनाव संपन्न हुए थे। यहां कुल 79.90% मतदान हुआ था। कोरोना से पहले नवंबर-2019 में हुए निकाय चुनाव में 71.57% वोटिंग हुई थी। जयपुर जिले की 10 नगर पालिकाओं में मतगणना जारी है। दोपहर 1 बजे तक जारी हुए परिणामों में चौमूं, बगरु, शाहपुरा, विराट नगर सहित 6 से ज्यादा नगर पालिकाओं में कांग्रेस का बोर्ड बनता नजर आ रहा है। लेकिन इनमें निर्दलियों का बोलबाला रहेगा। मतदाता ने सत्ता की चाबी निर्दलीय प्रत्याशियों के हाथ में सौंपी है। भरतपुर के निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों को निर्दलीयों ने पीछे छोड़ दिया है। 255 वार्डों में से 45 सीट भाजपा, कांग्रेस 22, बसपा एक और 187 सीटों पर निर्दलीय पार्षद चुने गए। कामां को छोड़कर शेष निकायों में निर्दलीयों ने बाजी मारी है। कुम्हेर और डीग में निर्दलीयों के सहारे कांग्रेस बोर्ड बना सकती है। क्योंकि यहां पूर्व मंत्री विश्वेंद्रसिंह सक्रिय हो गए हैं। इसके अलावा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग भी कुम्हेर में अपने एक परिचित राजीव अग्रवाल को अध्यक्ष बनवाने के लिए एक्टिव हो गए हैं। धौलपुर नगर परिषद में भी निर्दलीयों ने कांग्रेस व भाजपा का गणित बिगाड़ कर रख दिया है। यहां कांग्रेस व भाजपा के 22-22 पार्षद चुनाव जीते, 15 निर्दलीय प्रत्याशी व एक बीएसपी ने सीट हासिल की है। राजाखेड़ा नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनना तय है। 20 वार्डों में कांग्रेस ने परचम फहराया है। भाजपा 11 वार्डों में सिमट कर रह गई है वहीं एक वार्ड में बसपा ओर 3 में निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। बाड़ी नगरपालिका में कांग्रेस 26, भाजपा 3 और निर्दलीय 16 पर जीते। नगर परिषद 27 कांग्रेस 22 भाजपा 10 निर्दलीय एक सीपीआई ने जीत हासिल की है। यहां गंगापुर सिटी नगर पालिका में 60 सीटों पर भाजपा, 27 पर कांग्रेस 21 पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज की। यहां वार्ड नंबर 48 में भाजपा और निर्दलीय के बीच टाई हुआ। इस पर लॉटरी से फैसला हुआ जिसमें निर्दलीय विकास गुप्ता ने जीत हासिल की। सांसद रंजीता कोली के गृह शहर बयाना से भाजपा को बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा है जबकि यहां उनके अनुसार टिकटों का वितरण किया गया था। बयाना में 35 में भाजपा को केवल 3 सीटें ही मिली हैं। वैसे यहां कांग्रेस थोड़ी बेहतर स्थिति में है। कांग्रेस को 7 वार्डों से जीत मिली है। बोलबाला निर्दलीयों का है। निर्दलीय 25 सीटों पर जीते हैं। इसलिए यहां पूर्व पालिका अध्यक्ष विनोद बट्टा की बोर्ड बनाने में अहम भूमिका रह सकती है। प्रदेश के 21 जिलों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए चार चरणों में हो चुके जिला परिषद चुनाव में 636 सदस्यों में से बीजेपी को 353, कांग्रेस को 252, आरएलपी को 10, सीपीआईएम को 2 और 18 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। झालावाड़ के जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र के क्षेत्र संख्या 2 के बूथ संख्या 62 (पंचायत समिति डग की ग्राम पंचायत कुमठिया में स्थित) का परिणाम जारी नहीं हो सका था। इस निर्वाचन क्षेत्र के एक बूथ पर 10 दिसंबर को दोबारा मतदान हुआ था। इसी तरह 4371 पंचायत समिति सदस्यों में से बीजेपी 1989, कांग्रेस को 1852, बसपा को 5, आरएलपी को 60, सीपीआईएम को 26 और 439 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। पहले हुए पंचायत चुनाव के नतीजों में कांग्रेस से अच्छा प्रदर्शन करने के कारण भाजपा उत्साहित है। भाजपा को बढ़त का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। भाजपा का कहना है कि 21 जिलों में हुए जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि सरकार के झूठे वादों और कामकाज जनता दुखी है। अध्यक्ष के लिए 14 दिसंबर को लोक सूचना जारी होगी। नामांकन पत्र 15 दिसंबर अपराह्न 3 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्रों की संवीक्षा की तिथि 16 दिसंबर को होगी, जबकि 17 दिसंबर को अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापिस ली जा सकेगी। चुनाव चिन्हों का आवंटन 17 दिसंबर को किया जाएगा। अध्यक्ष के लिए मतदान 20 दिसंबर को प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा, जबकि मतगणना मतदान समाप्ति के तुरन्त बाद होगी। उन्होंने बताया कि इसी तरह उपाध्यक्ष के लिए निर्वाचन 21 दिसंबर को होगा।
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