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499 वर्ष बाद इस दिवाली पर बन रहा दुर्लभ योग, धन संबंधी कार्यों में मिलेगी बड़ी उपलब्धि

  • Mahanagartimes
  • 31 October, 2020

लाइफस्टाइल

नई दिल्ली : 14 नवंबर को इस वर्ष दीपावली मनाई जाएगी। दिवाली इस दिन शनिवार को पड़ रही है। ऐसे में यह दिन तंत्र पूजा के लिए बेहद खास रहेगा। इस दिन गुरु ग्रह अपनी राशि धनु में और शनि अपनी राशि मकर में रहेगा। शुक्र ग्रह कन्या राशि में नीच का रहेगा।उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, करीब 499 वर्ष बाद दिवाली के दिन तीन बड़े ग्रहों का यह दुर्लभ योग बन रहा है। इससे पहले 1521 में यह योग बना था जो कि 499 वर्ष पहले था। उस वर्ष 9 नवंबर को दिवाली मनाई गई थी। कहा जाता है कि आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला ग्रह गुरु और शनि है। ऐसे में इस वर्ष दीपावली पर धन संबंधी कार्यों में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है क्योंकि ये दोनों ग्रह अपनी राशि में होंगे।

चतुर्दशी और अमावस्या तिथि दोनों ही 14 नवंबर को:

दिवाली के दिन यानी 14 नवंबर को चतुर्दशी तिथि दोपहर 1 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या शुरू हो जाएगी। इस दिन यानी दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा की जाती है। यह पूजा संध्याकाल और रात में ही की जाती है। अमावस्या की बात करें तो यह तिथि 15 नवंबर को सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक ही रहेगी। ऐसे में दिवाली को 14 नवंबर को ही मनाया जाना बेहतर है। 15 नवंबर को केवल स्नान-दान की अमावस्या मनाई जाएगी।

Diwali 2020: 499 साल बाद दिवाली पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, सन 1521 में बना  था ऐसा संयोग - Live Times

दीपावली पर करें श्रीयंत्र की पूजा:

दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। साथ ही श्रीयंत्र की पूजा भी की जाती है। इस बार गुरु धनु राशि में रहेगा। ऐसे में पूरी रात कच्चे दूध से श्रीयंत्र का अभिषेक करना होगा। यह बेहद शुभ रहेगा। शनि अपनी राशि मकर में रहेगा। शनिवार और अमावस्या का योग भी इसी दिन रहेगा। ऐसे में दिवाली पर तंत्र-यंत्र पूजा करना बेहद ही शुभ होगा।

इस दिन करें ये शुभ काम:

इस दिन हनुमानजी, यमराज, चित्रगुप्त, कुबेर, भैरव, कुलदेवता और पितरों का पूजन भी करना चाहिए। इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा तो की ही जाती है। साथ ही विष्णु जी की भी अराधना की जाती है। इस दिन श्री सूक्त का पाठ भी करना चाहिए। इसके अलावा विष्णुसहस्रनाम, गोपाल सहस्रनाम का पाठ भी इस दिन करना शुभ होता है।