मुंबई : कंगना रणौत और शिवसेना का विवाद थमता नहीं दिख रहा है। कंगना के ऑफिस में बीएमसी की कार्रवाई के बाद अभिनेत्री लगातार सोशल मीडिया के जरिए शिवसेना पर निशाना साध रही हैं। वहीं शिवसेना भी अपने मुखपत्र 'सामना' में कंगना पर हमला जारी रखे हुए है। एक बार फिर से 'सामना' के संपादकीय में बिना नाम लिए कंगना पर पलटवार किया गया है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र के जरिए कहा कि 'मुंबई पाक अधिकृत कश्मीर नहीं है। जिन लोगों ने यह विवाद पैदा किया है उन्हें मुबारक। मुंबई अक्सर विवादों में रहती है इन सबके बावजूद यह प्रतिष्ठित है।' शिवसेना ने आगे कहा कि ''मुंबई में बॉलीवुड के नाम का 'तंबू' गड़ा और यह उद्योग के रूप में फैला। हर भाषा के कलाकार आज यहां काम कर रहे हैं। बाहर से आने वाले लोग पहले यहां फुटपाथ तक पर रहते हैं। उनमें से कइयों की किस्मत चमक जाती है उसके बाद वो मुंबई के जुहू, मालाबार हिल और पाली हिल जैसे क्षेत्रों में महल खड़ा करते हैं।' बता दें कि कंगना का ऑफिस पाली हिल क्षेत्र में ही स्थित है।

कंगना रणौत

शिवसेना ने आगे कहा कि 'मुंबई में कोई भी आए और यहां अपनी प्रतिभा आजमाए। आज फिल्म उद्योग लाखों लोगों को रोजी रोटी दे रहा है। मधुबाला, मीना कुमारी, दिलीप कुमार और संजय खान जैसे दिग्गज मुस्लिम कलाकारों ने अपना नाम हिंदू रखा क्योंकि तब तक धर्म घुसा नहीं था। सभी अपने अभिनय के लिए जाने जाते थे।' अपने मुखपत्र में शिवसेना ने माना कि फिल्म उद्योग में परिवारवाद है लेकिन यहां वही टिक पाता है जिसमें टैलेंट हो।
पत्र में पार्टी ने आगे लिखा कि 'फिल्म क्षेत्र से जुड़े लोगों ने मुंबई को अपनी कर्मभूमि माना। मुंबई को बनाने में उनका अहम योगदान है। पानी में रहकर उन्होंने मगरमच्छ से बैर नहीं किया। खुद कांच के घर में रहकर दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंका जिन्होंने फेंका उन्हें मुंबई का श्रॉप लगा। मुंबई को कम आंकना मतलब खुद के लिए गड्ढा खोदना ही है।' नौ सितंबर को बीएमसी ने कंगना रणौत के दफ्तर में कथित अवैध हिस्से को नष्ट कर दिया था। इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने का भी आदेश दिया लेकिन तब तक बीएमसी अभिनेत्री के बंगले के अधिकांश भाग को ध्वस्त कर कीमती संपत्ति को नुकसान पहुंचा चुकी थी।